नायाब लफ्ज़

जीवन के नायाब अनुभव .....

The Sad Story Of My Dominar 400 - Part 2 | मेरी Dominar 400 की दुःखभरी दास्ताँ - Part 2

The Story of My Bajaj Dominar 400 ABS, Bajaj Dominar 400 Review, The Story of My Bajaj Dominar 400 Ownership Experience

मैं बाइक को फिर से सर्विस सेंटर ले कर गया l अब तो सर्विस सेंटर के सभी लोग मुझे अच्छी तरह पहचान गए थे l मेरी बाइक को देखने वाला वरिष्ट मैकेनिक और सर्विस सेंटर के मैनेज़र को समझ नहीं आ रहा था की मेरी ही बाइक मे एक के बाद एक इतनी समस्याएँ क्यों आ रही थी ? खैर, उन्होंने पेट्रोल टैंक का कैप खोला और उसे अच्छी तरह साफ़ करके, बाइक को चेक करके मुझे बाइक दे दी l उन्होंने बोला की ये समस्या अब नहीं आएगी पर अगले दिन से ही मुझे ये समस्या आने लग गयी l इसी तरह दो-तीन बार उन्होंने मेरी बाइक के पेट्रोल टैंक का कैप साफ़ किया पर समस्या जस की तस रही l

The Sad Story Of My Dominar 400 - Part 1 | मेरी Dominar 400 की दुःखभरी दास्ताँ - Part 1


Bajaj Dominar 400, Bajaj Dominar 400 Review, Story of Bajaj Dominar 400

ये कहानी है मेरी बाइक Bajaj Dominar 400 ABS के बारे मे l बाइक, जिसने जहाँ एक ओर मुझे लगभग डेढ़ साल लगातार परेशान रखा वहीँ दूसरी ओर ये मुझे दुनिया की सबसे ऊँची सड़क खारदुन्गला पास पर भी ले कर गयी l

Where did we come from ? | हम कहाँ से आये है ?



Where did we come from, Who created humans


यूँ तो इस पृथ्वी पर लाखों तरह के जीव रहते है परन्तु इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन सब मे सबसे बुद्धिमान जीव इंसान ही है l इंसान ने अपने दिमाग के बल पर बहुत जबरदस्त प्रगति कर ली है पर एक सवाल जो हमेशा से ही हमारे जेहन मे आता है वो है कि हम इंसान कौन है और हमे किसने बनाया ? इसका सबसे सरल और सर्वमान्य उत्तर है की आज जो भी कुछ हम देख रहे है यह सब भगवान् ने बनाया है l इस पर कुछ और प्रश्न दिमाग मे आते है की भगवान् कौन है, भगवान् को किसने बनाया और सबसे बड़ी बात ये की भगवान् के ऐसा क्या मन मे आया की उसने ये सब बनाया? 

Leh Ladakh Bike Trip Preparation | लेह-लद्दाख़ बाइक यात्रा की तैयारी

बाइक के द्वारा “लेह-लद्दाख़” की यात्रा करना एक नायाब अनुभव है और अगर आप इस यात्रा पर जाने की योजना बना रहे है तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा l इन बातों को ध्यान मे रखकर अगर आप इस यात्रा की योजना बनाते है तो यक़ीनन पूर्ण रूप से आप इस यात्रा का आनंद उठा पाएँगे l चूँकि ध्यान देने योग्य बहुत सारी चीजें है इसीलिए मैंने इन्हें वर्गीकृत कर दिया है l

Bike Trip To Leh Ladakh | लेह लद्दाख़ यात्रा - 10 सितम्बर - चंडीगढ़ से मनाली

लेह लद्दाख़ यात्रा 2017 - 10 सितम्बर - चंडीगढ़ से मनाली

सुबह छ बजे के अलार्म से हमारी नींद टूटी l नहा-धो कर होटल से निकलने मे हमे लगभग आठ बज गए l आज हमे मनाली पहुँचना था जो कि चंडीगढ़ से लगभग 310 किलोमीटर था l हमारा होटल जीरकपुर मे था और हमे हाईवे तक आने मे पूरा चंडीगढ़ पार करना पड़ा पर उस दिन रविवार होने के कारण ज्यादा यातायात नही था और हम जल्द ही चंडीगढ़ से बाहर निकल गए l चंडीगढ़ से निकलते ही रूपनगर पड़ता है, इस छोटे से शहर मे विक्रांत के परिचित का खुद का होटल है l चूँकि विक्रांत के परिचित को हमारी यात्रा के बारे मे पहले से ही पता था तो उन्होंने विक्रांत से मिलते हुए जाने को बोला था इसलिए हम तीनों रूपनगर मे विक्रांत के परिचित के यहाँ पहुँचे l हम सब को अपने यहाँ देख कर वो बहुत खुश हुए और हमे चाय-नाश्ता करवाया l वहाँ लगभग एक घंटा रुकने के बाद हम आगे मनाली की तरफ रवाना हो गए l

Bike Trip To Leh Ladakh | लेह लद्दाख़ यात्रा - 11 सितम्बर - मनाली से केलोंग

लेह लद्दाख़ यात्रा 2017 - 11 सितम्बर - मनाली से केलोंग

आज सुबह उठने की ज्यादा जल्दी नही थी क्योंकि आज हमे सिर्फ 115 किलोमीटर ही जाना था और रोहतांग से आगे जाने का परमिट हमने इन्टरनेट से पहले ही ले रखा था l हमने हमारा मनाली वाला होटल भी नाश्ते के साथ ही बुक करवाया हुआ था और हमे मालुम था की  नाश्ता लगते लगते सुबह के नौ - साढ़े नौ बज ही जाएँगे l नहा-धो कर हम सब ने पहले अपना सामान बाइक पर बाँधा और नाश्ता करने पहुँचे l नाश्ता कुछ खास स्वादिष्ट नहीं था और नाश्ता करते वक़्त उत्साह के साथ साथ बैचनी भी महसूस हो रही थी, बैचनी ऐसी जैसी की किसी बड़ी परीक्षा से पहले होती है l ये शायद इसलिए था कि हम इस यात्रा पर पहली बार आये थे और आगे होने वाली घटनाओं से पूरी तरह अनभिज्ञ थे l इस यात्रा के बारे मे इतना कहा और सुना गया था कि जब असल मे इस यात्रा को शुरु करने का समय आया तो उत्साह के साथ साथ हमारी बैचनी भी बढ़ गयी थी l खैर, नाश्ता करके हम होटल से रवाना हो गए l

Popular Posts