नायाब लफ्ज़

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Trip To Spiti Valley - Narkanda To Jaipur | स्पिति वैली यात्रा - नारकंडा से जयपुर


स्पिति वैली यात्रा - 07 जून 2019 - नारकंडा से जयपुर

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कल हम इतने थके हुए थे की सुबह कब हो गयी पता ही नहीं चला l सोने का और मन कर रहा था लेकिन हमे जल्द से जल्द जयपुर की तरफ निकलना था l उठ कर चाय पी, तैयार हुए और सुबह साढ़े छ बजे के आस-पास हम शिमला की ओर रवाना हो गए l सबसे पहला काम तो ये था की शिमला पहुँच कर सबसे पहले विक्रांत की बाइक को सही करवाना था और हमे उम्मीद थी की शायद शिमला में तो बाइक सही हो ही जाएगी l अगर दुर्भाग्यवश शिमला में भी बाइक सही नहीं हो पायी तो फिर अगला विकल्प चंडीगढ़ का ही था l  

Trip To Spiti Valley - Kaza to Narkanda | स्पिति वैली यात्रा - काज़ा से नारकंडा

स्पिति वैली यात्रा - 06 जून 2019 - काज़ा से नारकंडा

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रात को मैं और विक्रांत पहले से ही सोच कर सोये थे की अगर हमे जयपुर जल्द-से-जल्द पहुँचना है तो काज़ा से सुबह जल्दी निकलना होगा l हम सुबह तय समय पर उठ गए, चाय पी, तैयार हुए, बाइक पर सामान लगाया l उधर रजत, राजेश और अश्विनी भी उठ चुके थे और वो भी चिटकुल निकलने के लिए तैयार हो रहे थे l अश्विनी की तबियत अब पहले से सही थी और वो अब अच्छा महसूस कर रहा था l क्योंकि हम काफी जल्दी निकल रहे थे इसीलिए साक्या होटल के मैनेजर ने विक्रांत और मेरे लिए नाश्ता भी तैयार करवा कर दे दिया, हम सबका साक्या होटल के साथ अनुभव काफी अच्छा रहा l रजत, राजेश और अश्विनी से मिल कर और विदाई ले कर विक्रांत और मैं सात बजे से पहले ही काज़ा से रवाना हो गए l हम सब को ये दुःख  हो रहा था की मैं और विक्रांत चिटकुल नहीं जा पा रहे हैं लेकिन हमे अब जल्द से जल्द जयपुर पहुँचना था l

Trip To Spiti Valley - Kaza | स्पिति वैली यात्रा - काज़ा

स्पिति वैली यात्रा - 05 जून 2019 - काज़ा




हमेशा की तरह आज भी सुबह जल्दी ही नींद खुल गयी l आज हमे कभीं भी नहीं जाना था और काज़ा के ही आस पास दर्शनीय स्थल देखने थे जैसे – कोमिक, लान्ग्जा, हिक्किम, की-मोनेस्ट्री इत्यादि l मैं और विक्रांत जैसे ही फर्स्ट फ्लोर पहुँचे तो देखा की राजेश पहले से ही जगा हुआ है और गैलरी में घूम रहा है l राजेश ने बताया की अश्विनी की तबियत सही नहीं है और वो रात एक बजे से ही जगा हुआ है l अश्विनी को AMS (अक्युट माउंटेन सिकनेस) हो गया था l AMS बहुत अधिक ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कम मात्रा के कारण शरीर पर पड़ने वाला एक दुर्प्रभाव है l अत्यधिक ऊँचाई पर जाने पर किसी-किसी के शरीर को अभ्यस्त होने में समय लगता है l AMS की वजह से साँस लेने में परेशानी होती है, सर दर्द करता है और उल्टी का सा मन होता है l असल में अश्विनी रोज़ ब्लड-प्रेशर की दवाई खाता है पर पिछले एक-दो दिनों से घुमने और मौज-मस्ती के चक्कर में उसने दवाई लेने में भी लापरवाही कर दी थी l

Trip To Spiti Valley - Tabo To Kaza | स्पिति वैली यात्रा - ताबो से काज़ा

स्पिति वैली यात्रा - 04 जून 2019 - ताबो से काज़ा


आज सुबह उठ कर अलग ही एहसास हो रहा था क्योंकि आज हम हमारी मंजिल पर, जो की काज़ा थी, पहुँचने वाले थे l इस मंजिल पर पहुँचने के लिए कब से हम सब तैयारियाँ कर रहे थे और आखिरकार आज वो दिन आ गया था l ताबो से काज़ा बमुश्किल 50 किलोमीटर ही है इसीलिए हम सब बहुत जल्दी में नहीं थे l ताबो में सुबह सुबह काफी तेज़ सर्द हवाएँ चल रही थी और हम सबने गर्म कपडे और टोपे पहन कर ही सुबह की सैर की l हमारे होटल के बिलकुल पास में ही मोनेस्ट्री थी इसीलिए हम सुबह सुबह वहाँ के क्रियाकलाप देखने चले गए l

Trip To Spiti Valley - Kalpa To Tabo | स्पिति वैली यात्रा - कल्पा से ताबो

स्पिति वैली यात्रा - 03 जून 2019 - कल्पा से ताबो

पिछली शाम को होटल की छत से लगभग एक-डेढ़ घंटा किन्नर कैलाश को निहारने के बाद भी हम अल-सुबह लगभग पाँच बजे ही दुबारा अपने होटल की छत पर पहुँच गए, कारण था किन्नर कैलाश पर्वत श्रृंखला पर होने वाला सूर्योदय l रजत ने रात को ही इस सूर्योदय को देखने ली योजना बना ली थी और इस पल को सहेजने के लिए वो और अश्वनी अपने शानदार और पेशेवर कैमरों के साथ पूरी तरह तैयार थे l सुबह सुबह अच्छी खासी ठण्ड थी और हम सबको गर्म कपड़ों के साथ साथ गर्म टोपे की जरुरत भी पड़ी थी l इस सुबह के वातावरण में सूर्योदय के समय किन्नर कैलाश पर्वत श्रृंखला बहुत ही अलग नज़र आ रही थी l हलकी हलकी ठंडी हवा चल रही थी और पाँच रंगों के बुद्धिश झंडे इन हवाओं से सकारात्मक ऊर्जा को चारों ओर फैला रहे थे l लगभग पौने-छ बजे सूरज की किरण ने किन्नर कैलाश को छुआ और बीस मिनट बाद सूर्यदेव ने पर्वत श्रृंखला के पीछे से निकल कर हमे दर्शन दिए l इस दौरान किन्नर कैलाश पर्वत श्रृंखला का रंग हर क्षण बदलता रहा और चोटियों पर पड़ी बर्फ कभी सोने सी चमकती तो कभी चाँदी सी l

Trip To Spiti Valley - Narkanda To Kalpa | स्पिति वैली यात्रा - नारकंडा से कल्पा

स्पिति वैली यात्रा - 02 जून 2019 - नारकंडा से कल्पा

Spiti Valley Trip, Bike trip to spiti

सुबह लगभग सवा-पाँच ही आँख खुल गयी l हाथ मुँह धो कर, विक्रांत और मैं फर्स्ट फ्लोर स्तिथ रजत, राजेश और अश्वनी के कमरे के बाहर बनी बालकानी में पहुँच गए l रजत पहले से ही बालकानी में था और खुबसूरत नज़ारों को अपने कैमरे में कैद कर रहा था l सुबह सुबह हलकी सी गुलाबी ठण्ड थी, पेड़ों से टकराकर आने वाली मद्धम-मद्धम हवा बहुत ताज़ा लग रही थी और वातावरण में जबरदस्त शान्ति थी l शहरों में ऐसे वातावरण की बस कल्पना ही की जा सकती है और अगर रोज़ ही ऐसे वातावरण में दिन की शुरुआत हो तो यक़ीनन आदमी की उम्र बढ़ जाए l इस वक़्त जिस चीज़ की कमी थी वो थी चाय पर सुबह के साढ़े पाँच बजे चाय मिलने में यक़ीनन संदेह ही था l कुछ देर बालकानी से प्रकृति का आनंद लेने के बाद हम सब चाय के लिए अंकल की रसोई के आस पास भटकने लग गए l हमे पता लगा की चाय तो लगभग सात बजे के आस पास ही मिलेगी जब अंकल का रसोइया चंद्रू होम स्टे पहुँचेगा वो भी दूध ले कर l ये देखकर हम सब एक छोटी सी सुबह की सैर पर निकल गए l

Trip To Spiti Valley - Chandigarh To Narkanda | स्पिति वैली यात्रा - चंडीगढ़ से नारकंडा

स्पिति वैली यात्रा - 01 जून 2019 - चंडीगढ़ से नारकंडा


Spiti Valley Trip, Bike trip to spiti

रात को नींद बहुत अच्छी आई और सुबह लगभग छ बजे के आस पास हम उठ गए l चाय पी और फिर नहा-धो कर सुबह के करीबन सात बजे के आस पास हम तैयार हो गए l होटल से निकलने से पहले रजत, राजेश और अश्वनी (टीम अश्वनी) से फ़ोन से बात हुई तो पता लगा की उनकी ट्रेन बिलकुल सही समय पर चल रही है और वो लोग साढ़े सात बजे तक चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुँच जाएँगे l विक्रांत और मैं भी बाइक पर सामान बाँध कर होटल से लगभग साढ़े सात बजे रवाना हो गए l

Trip To Spiti Valley - Jaipur to Chandigarh | स्पिति वैली यात्रा - जयपुर से चंडीगढ़

स्पिति वैली यात्रा - 31 मई 2019 - जयपुर से चंडीगढ़


Spiti Valley Trip, Bike Trip to Spiti

सुबह 4.30 के अलार्म बजने से 2 मिनट पहले ही आँख खुल गयी, पता नहीं ये क्या व्यवस्था है ? जब भी मैं अलार्म लगाता हूँ, हमेशा अलार्म बजने के 2 मिनट पहले ही उठ जाता हूँ l ऐसा भी नहीं है की मैं सोता नहीं हूँ या मुझे कोई तनाव रहता हो फिर भी ऐसा इक्की-दुक्की बार ही हुआ है की मुझे अलार्म ने उठाया हो l खैर, उठे, चाय पी, नहाये-धोये और भगवान् के दिया-बत्ती करके बाइक पर सामान लगाया l ये बाइक पर सामान लगाना और निकालना, वास्तव में बहुत परेशानी का काम है, लगता तो छोटा सा ही काम है पर इसमें समय लग ही जाता है l विक्रांत और मुझे सुबह 6 बजे मोती डूंगरी गणेश मंदिर मिलना था लेकिन मैं मेरे घर से लगभग 6.20 के आस पास निकल पाया और मंदिर पहुँचते पहुँचते 6.35 हो गए l

Trip To Spiti Valley | स्पिति वैली यात्रा - प्रस्तावना

Spiti Valley Trip, Bike Trip To Spiti Valley


ऊँचे ऊँचे पहाड़ों पर चाँदी सी चमकती बर्फ, साफ़ नीला आकाश, बहती नदी और जबरदस्त हरियाली, एक बार आदमी ये सब देख लेता है तो उसका मन बार बार वहाँ जाने को होता है और वैसे भी  घुमक्कड़ी एक ऐसा शौक है जिससे व्यक्ति के जीवन में हमेशा आनंद और उर्जा का संचार बना रहता है l 2017 मे की गयी ऐसी ही शानदार लेह-लद्दाख़ यात्रा के बाद 2018 मे भी हमे ऐसी ही यात्रा करने का मन हुआ परन्तु किसी ना किसी कारण की वजह से हमारी ये बाइक यात्रा संभव नहीं हो पा रही थी l अब होता ये है कि अगर हम कुछ करना चाहें और किसी कारणवश कर ना पायें तो हमारी अधीरता बढती जाती है और उस चीज़ को करने की हमारी इच्छा बहुत तीव्र होती जाती है l आखिरकार 2018 आया और चला गया परन्तु हमे पूरे साल बाइक यात्रा पर जाने का अवसर नही मिल पाया और हमारी अधीरता भी चरम पर पहुँच गयी l

Leh Ladakh Itinerary | लेह-लद्दाख़ यात्रा कार्यक्रम


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लद्दाख़ प्रांत, जम्मू और कश्मीर राज्य मे पड़ता हैं तथा ये एक पहाड़ी क्षेत्र हैं जो कि अपने अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए दुनिया भर मे प्रसिद्द हैं l लद्दाख़ प्रांत काफी बड़े क्षेत्र मे फैला हुआ है और यहाँ घुमने के लिए कई खुबसूरत स्थान है l सड़क के द्वारा इस पुरे प्रांत को घूमना अलग ही नायाब अनुभव है l

Kumbhalgarh Fort | कुम्भलगढ़ किला

कुम्भलगढ़ किला

Kumbhalgarh Fort




कुछ समय पहले कुम्भलगढ़ का किला देखने का मौका मिला l इसे देखना, घूमना और इसका इतिहास जानना काफी अच्छा अनुभव रहा l वैसे तो राजस्थान मे अनेक किले है परन्तु इन सब मे कुम्भलगढ़ एक विशिष्ट स्थान रखता है l राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण चित्तौड़ के किले के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण यह कुम्भलगढ़ का किला अपने आप मे सम्पूर्ण इतिहास समेटे हुए है l राजस्थान के राजसमन्द जिले मे स्तिथ ये किला अपनी बेजोड़ मजबूती, अपनी बेहद लंबी दीवार और अपने गौरवशाली इतिहास जैसे कारणों की वजह से भारत मे ही नहीं वरन पूरी दुनिया मे प्रसिद्ध है l  इसकी कई खूबियों के कारण ये किला अब वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स मे शुमार कर लिया गया है l

The Sad Story Of My Dominar 400 - Part 2 | मेरी Dominar 400 की दुःखभरी दास्ताँ - Part 2

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मैं बाइक को फिर से सर्विस सेंटर ले कर गया l अब तो सर्विस सेंटर के सभी लोग मुझे अच्छी तरह पहचान गए थे l मेरी बाइक को देखने वाला वरिष्ट मैकेनिक और सर्विस सेंटर के मैनेज़र को समझ नहीं आ रहा था की मेरी ही बाइक मे एक के बाद एक इतनी समस्याएँ क्यों आ रही थी ? खैर, उन्होंने पेट्रोल टैंक का कैप खोला और उसे अच्छी तरह साफ़ करके, बाइक को चेक करके मुझे बाइक दे दी l उन्होंने बोला की ये समस्या अब नहीं आएगी पर अगले दिन से ही मुझे ये समस्या आने लग गयी l इसी तरह दो-तीन बार उन्होंने मेरी बाइक के पेट्रोल टैंक का कैप साफ़ किया पर समस्या जस की तस रही l

The Sad Story Of My Dominar 400 - Part 1 | मेरी Dominar 400 की दुःखभरी दास्ताँ - Part 1


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ये कहानी है मेरी बाइक Bajaj Dominar 400 ABS के बारे मे l बाइक, जिसने जहाँ एक ओर मुझे लगभग डेढ़ साल लगातार परेशान रखा वहीँ दूसरी ओर ये मुझे दुनिया की सबसे ऊँची सड़क खारदुन्गला पास पर भी ले कर गयी l

Where did we come from ? | हम कहाँ से आये है ?



Where did we come from, Who created humans


यूँ तो इस पृथ्वी पर लाखों तरह के जीव रहते है परन्तु इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन सब मे सबसे बुद्धिमान जीव इंसान ही है l इंसान ने अपने दिमाग के बल पर बहुत जबरदस्त प्रगति कर ली है पर एक सवाल जो हमेशा से ही हमारे जेहन मे आता है वो है कि हम इंसान कौन है और हमे किसने बनाया ? इसका सबसे सरल और सर्वमान्य उत्तर है की आज जो भी कुछ हम देख रहे है यह सब भगवान् ने बनाया है l इस पर कुछ और प्रश्न दिमाग मे आते है की भगवान् कौन है, भगवान् को किसने बनाया और सबसे बड़ी बात ये की भगवान् के ऐसा क्या मन मे आया की उसने ये सब बनाया? 

Leh Ladakh Bike Trip Preparation | लेह-लद्दाख़ बाइक यात्रा की तैयारी

बाइक के द्वारा “लेह-लद्दाख़” की यात्रा करना एक नायाब अनुभव है और अगर आप इस यात्रा पर जाने की योजना बना रहे है तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा l इन बातों को ध्यान मे रखकर अगर आप इस यात्रा की योजना बनाते है तो यक़ीनन पूर्ण रूप से आप इस यात्रा का आनंद उठा पाएँगे l चूँकि ध्यान देने योग्य बहुत सारी चीजें है इसीलिए मैंने इन्हें वर्गीकृत कर दिया है l

Bike Trip To Leh Ladakh | लेह लद्दाख़ यात्रा - 10 सितम्बर - चंडीगढ़ से मनाली

लेह लद्दाख़ यात्रा 2017 - 10 सितम्बर - चंडीगढ़ से मनाली

सुबह छ बजे के अलार्म से हमारी नींद टूटी l नहा-धो कर होटल से निकलने मे हमे लगभग आठ बज गए l आज हमे मनाली पहुँचना था जो कि चंडीगढ़ से लगभग 310 किलोमीटर था l हमारा होटल जीरकपुर मे था और हमे हाईवे तक आने मे पूरा चंडीगढ़ पार करना पड़ा पर उस दिन रविवार होने के कारण ज्यादा यातायात नही था और हम जल्द ही चंडीगढ़ से बाहर निकल गए l चंडीगढ़ से निकलते ही रूपनगर पड़ता है, इस छोटे से शहर मे विक्रांत के परिचित का खुद का होटल है l चूँकि विक्रांत के परिचित को हमारी यात्रा के बारे मे पहले से ही पता था तो उन्होंने विक्रांत से मिलते हुए जाने को बोला था इसलिए हम तीनों रूपनगर मे विक्रांत के परिचित के यहाँ पहुँचे l हम सब को अपने यहाँ देख कर वो बहुत खुश हुए और हमे चाय-नाश्ता करवाया l वहाँ लगभग एक घंटा रुकने के बाद हम आगे मनाली की तरफ रवाना हो गए l

Bike Trip To Leh Ladakh | लेह लद्दाख़ यात्रा - 11 सितम्बर - मनाली से केलोंग

लेह लद्दाख़ यात्रा 2017 - 11 सितम्बर - मनाली से केलोंग

आज सुबह उठने की ज्यादा जल्दी नही थी क्योंकि आज हमे सिर्फ 115 किलोमीटर ही जाना था और रोहतांग से आगे जाने का परमिट हमने इन्टरनेट से पहले ही ले रखा था l हमने हमारा मनाली वाला होटल भी नाश्ते के साथ ही बुक करवाया हुआ था और हमे मालुम था की  नाश्ता लगते लगते सुबह के नौ - साढ़े नौ बज ही जाएँगे l नहा-धो कर हम सब ने पहले अपना सामान बाइक पर बाँधा और नाश्ता करने पहुँचे l नाश्ता कुछ खास स्वादिष्ट नहीं था और नाश्ता करते वक़्त उत्साह के साथ साथ बैचनी भी महसूस हो रही थी, बैचनी ऐसी जैसी की किसी बड़ी परीक्षा से पहले होती है l ये शायद इसलिए था कि हम इस यात्रा पर पहली बार आये थे और आगे होने वाली घटनाओं से पूरी तरह अनभिज्ञ थे l इस यात्रा के बारे मे इतना कहा और सुना गया था कि जब असल मे इस यात्रा को शुरु करने का समय आया तो उत्साह के साथ साथ हमारी बैचनी भी बढ़ गयी थी l खैर, नाश्ता करके हम होटल से रवाना हो गए l

Bike Trip To Leh Ladakh | लेह लद्दाख़ यात्रा - 12 सितम्बर - केलोंग से पांग

लेह लद्दाख़ यात्रा 2017 - 12 सितम्बर - केलोंग से पांग

आज हम आराम से उठे क्योंकि योजना के अनुसार आज हमे सरचू जाना था जो की लगभग 100 किलोमीटर ही था l सुबह उठे और होटल की छत पर गए l सुबह सुबह बहुत हलकी सी गुलाबी ठण्ड थी और मौसम बिलकुल साफ़ था l भगवान् सूर्यदेव ने भी दर्शन दे दिए थे l चारों और हरियाली से ओत-प्रोत पहाड़, बिलकुल साफ़ नीला आकाश, दूर कुछ पहाड़ों की चोटियों पर चमकती हुई चाँदी जैसी बर्फ, ऑक्सीजन से भरपूर साफ़ हवा और हाथ मे कड़क चाय, और क्या चाहिए ? कई बार मन करता है कि सब कुछ छोड़- छाड़ कर ऐसी जगह ही बस जाएँ l मन कर रहा था कि यूँ ही बैठे रहे पर हमे अभी बहुत कुछ देखना था सो हम सब नहा-धो कर तैयार हो गए l 

Bike Trip To Leh Ladakh | लेह लद्दाख़ यात्रा - 13 सितम्बर - पांग से लेह

लेह लद्दाख़ यात्रा 2017 - 13 सितम्बर - पांग से लेह

कैसे-तैसे रात कटी और सुबह हुई l हाथ-मुहँ धो कर चाय पी, कपडे बदले, नहाने का तो सवाल ही नही था क्योंकि वहाँ पर ठण्ड का आलम ये था की ढ़ाबे के बाहर रखा हुआ पानी बर्फ मे तब्दील हो चूका था l सुबह होते ही सबसे पहले विचार आया क्या आज मैं लेह पहुँच पाउँगा या नही क्योंकि मेरी बाइक का कुलेंट बॉक्स बिलकुल खाली हो चूका था l मैंने विचार किया कि हो सकता है किसी और के भी पास मेरी वाली बाइक हो, इस उम्मीद मे मैंने सभी ढ़ाबों का निरिक्षण किया पर मेरी बाइक किसी के पास नही थी l मुझे नही मालुम था कि ये कौनसा कुलेंट है और क्या मैं कोई दूसरा कुलेंट डाल सकता हूँ? फ़ोन की कोई व्यवस्था थी नहीं जो मैं किसी से पूछ पाता l कुछ दुसरे बाइकर से मैंने बात की पर कोई भी अतिरिक्त कुलेंट नही ले कर चल रहा था और उनको भी मेरी बाइक के बारे मे कुछ ज्यादा पता नही था l मुझे बहुत बुरा लग रहा था क्योंकि अभी तो हमारी लेह यात्रा शुरू ही हुई थी और अब तक हम लेह भी नही पहुँचे थे l हम तीनो ने इस यात्रा से पहले ये योजना बनायीं थी कि अगर किसी की बाइक मे कुछ भी हो जाता है और अगर बाइक सही नही हो पाती है तो उस कारण से हम हमारी इस यात्रा को स्थगित नही करेंगे l अब हमे ये निर्णय लेना था कि मुझे लेह की तरफ बाइक चला कर जाना है या मनाली की तरफ किसी ट्रक मे बाइक लोड करवा कर l

Bike Trip To Leh Ladakh | लेह लद्दाख़ यात्रा - 14 सितम्बर - लेह

लेह लद्दाख़ यात्रा 2017 - 14 सितम्बर - लेह

आज हमे लेह ही रहना था इसीलिए हम सब आराम से उठे l तस्सल्ली से चाय पी और चूँकि पांग मे हम ज्यादा ठण्ड होने के कारण नहाये नही थे इसीलिए अच्छी तरह से नहाये-धोये l हमारे कुछ कपडे, जो की धोने बहुत जरुरी थे, वो धोये l नहा-धो कर जब हम हमारा सामान बाइक पर बाँध रहे थे तब हमे वहाँ पर दो अन्य बाइकर मिले जो की अपनी बाइक की चेन सर्विस कर रहे थे l उनसे जब मैंने मेरी बाइक की कुलेंट की समस्या पर बात की तो उन्होंने मुझे बताया की ये एक सामान्य प्रक्रिया है, कुलेंट किसी किसी परिस्तिथी मे ओवरफ्लो पाइप से बाहर निकल जाता है और उन्होंने बताया की मेरी बाइक के कुलेंट बॉक्स मे भी ओवरफ्लो पाइप होगा l मैंने जब अच्छी तरह से मेरी बाइक का अवलोकन किया तो मुझे ओवरफ्लो पाइप मिल गया l उन्होंने मुझे ये भी बताया की मैं कोई भी हरे रंग का कुलेंट डलवा सकता हूँ l ये सुन कर मेरा सारा तनाव जाता रहा और ये अहसास हुआ की कभी कभी कोई बहुत गंभीर समस्या का हल बहुत सरल होता है l

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